जीवन में सामाजिक मूल्यों के साथ माननीय मूल्यों की भी आवश्कता==भूपेंद्र कुलदीप

दिनेश दुबे
आप की आवाज
*जीवन में सामाजिक मूल्यों के साथ मानवीय मूल्यों की भी आवश्यकता – भूपेन्द्र कुलदीप, रजिस्ट्रार, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग*
*समाधान महाविद्यालय में 6 दिवसीय चेतना विकास मूल्य शिक्षा कार्यशाला का आयोजन*
बेमेतरा ==सर्वतोमुखी समाधान शिक्षा संस्कार समिति द्वारा संचालित समाधान महाविद्यालय में 6 दिवसीय चेतना विकास मूल्य शिक्षा (युवा कार्यशाला) का आयोजन किया गया। जिसमें बी.एड., आई.टी.आई के छात्र व महाविद्यालय के प्राध्यापक शामिल रहे। इस कार्यशाला में समापन एवं मूल्यांकन सत्र में मुख्य अतिथि भूपेन्द्र कुलदीप,रजिस्ट्रार हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग, भागवतकथा व्यास पं. त्रिलोक कृष्ण शास्त्री बेमेतरा अनिल चौबे प्राचार्य, एम.जे. काॅलेज, भिलाई, ब्रम्हकुमारी शशि दीदी, बेमेतरा सम्मिलित हुए।*
*इस कार्यशाला के प्रबोधक अंकित पोगुला, मानव तीर्थ, बेमेतरा (शिक्षाविद् एवं कोर टीम सदस्य-हैप्पीनेस पाठ्यक्रम दिल्ली) थे। उन्होने विद्यार्थियों को सार्वभौमिक सुख, सामाजिक व्यवस्था एवं शिक्षा के प्रयोजन के बारे में बताया विद्यार्थी रूचि मूलक, मूल्य मूलक एवं लक्ष्य मूलक सुख को विस्तार से समझे जीने के पांचों आयामों – स्वयं, परिवार, समाज, प्रकृति व अस्तित्व के बारे में बताया गया। वर्तमान पाठ्यक्रम में मूल्य शिक्षा की आवश्यकता को बताते हुए, शिक्षा के प्रयोजन को स्पष्ट किया। इसके बाद परिवार में व्यवस्था को समझाते हुए संबंधो के प्रयोजन व उसमें निहित मूल्यों को भी बताया। इसके अतिरिक्त समाज एवं  प्रकृति की व्यवस्था को समझकर ही एक मानव भयमुक्त होकर सुख पूर्वक जी सकता है। मेरे सुखी व दुःखी होने के लिए हम स्वयं ही जिम्मेदार है, इस सूत्र को विद्यार्थियों ने स्व निरीक्षण से स्वयं जाना।*
*कार्यशाला के समापन में महाविद्यालय संचालक अवधेश पटेल ने पी.पी.टी. के माध्यम से चेतना विकास मूल्य शिक्षा कार्यशाला का सार संक्षेप प्रस्तुत किये एवं प्रतिभागियों ने कार्यशाला से संबंधित अनुभव, सकारात्मक बदलाव को अपने मूल्यांकन प्रस्तुत किए।
*उद्बोधन एवं आशीर्वचन क्रम में पं. त्रिलोक कृष्ण शास्त्री ने कहा मानव होने के नाते हम सभी में मानवीयतापूर्ण आचरण आवश्यक है। सुखी जीवन जीने के लिये मन को स्थिर करना आवश्यक है।*
*ब्रम्हकुमारी शशि दीदी जी कहती है, कि हमारे जीवन में कोई न कोई आदर्श होते है, जिनसे सभी प्रेरित होकर हम उनके जैसा बनने का प्रयास करते है। हम दूसरो को खुशी देते है, तो प्रत्युत्तर में हमें भी खुशी मिलती है।*
*अनिल चौबे , प्राचार्य, एम.जे. काॅलेज, भिलाई ने कहा कि आज के विद्यार्थी ही भविष्य के राष्ट्र निर्माता है अतः उन्हें अपने जीवन में इन मूल्यों को सीखने की अवश्यकता है ताकि इन सब मूल्यो को दूसरे विद्यार्थियों को भी सिखाया जा सके। सभी शैक्षणिक संस्थाओं में चेतना विकास मूल्य शिक्षा के आयोजन की आवश्यकता है।*
* भूपेन्द्र कुलदीप , कुलसचिव, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग ने कहा कि, समाधान महाविद्यालय में लगातार मैं चेतना विकास मूल्य शिक्षा संबंधी कार्यक्रम होते देख रहा हूं। समाज से हमें बहुत कुछ मिला है, तो हमारा भी समाज के प्रति बहुत कुछ देने का कर्तव्य है। पाठ्यक्रम में व्यक्तित्व विकास एवं मानवीय मूल्यों से संबंधित विषयों का समावेश हो ऐसा शासन का भी प्रयास है। लोगो में सामाजिक मूल्य एवं मानवीय मूल्यों की समझ होनी आवश्यक है, जो आप अपनी आगे की पीढ़ी को दे सके। यहां सीखी हुई बातों को अपने जीवन में प्रमाणित करने का प्रयास करे। आप जितनी पुस्तके पढ़ेंगे उतना आपका दृष्टिकोण सकारात्मक होगा। 18-20 की साल पढ़ाई के बाद आप अगर एक अच्छा इंसान बनते है, तो समाज के लिए उपयोगी साबित होंगे।*
*अंत में कालेज समिति के अध्यक्ष अविनाश तिवारी जी ने उपस्थित अतिथिगण एवं महाविद्यालय के सभी स्टाॅफ प्रति आभार प्रदर्शित किया जिन्होने इस कार्यशाला के संचालन में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष योगदान दिया।*
*इस कार्यशाला के समापन में गणेश वर्मा, कोषाध्यक्ष, श्रीमती अलका तिवारी, उपाध्यक्ष, अवधेश पटेल, संचालक, प्राचार्य डाॅ. पन्नालाल यादव, प्रशासनिक अधिकारी उमेश राजपूत, विभागाध्यक्ष निधि तिवारी, अधीक्षक आशा झा, तुषार भट्ट, संगीता अग्रवाल, लक्ष्मीनारायण साहू सहित समस्त सहायक प्राध्यापक, छात्र-छात्रायें एवं जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बेमेतरा के छात्र-छात्रायें उपस्थित रहे।

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